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एबीवीपी का धर्मतल्ला तक विरोध मार्च
कोलकाता। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हाल के दिनों में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों, हिंसा और पत्रकारों पर हुए हमलों के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कोलकाता की सड़कों पर उतरकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। शिक्षा संस्कृति सुरक्षा मंच के बैनर तले आयोजित इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे प्रदर्शनकारियों ने शियालदह और हावड़ा से धर्मतल्ला तक पैदल मार्च निकाला और अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
रैली के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी जैसे संवेदनशील मुद्दे की आड़ में कुछ असामाजिक और देशविरोधी तत्व माहौल को बिगाडऩे और अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोडफ़ोड़ और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। रैली में शामिल शिक्षकों ने भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं का समर्थन कोई नहीं करता, लेकिन इसके नाम पर देश को अस्थिर करने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
यह विरोध मार्च हाल ही में कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के जवाब में आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि उस प्रदर्शन में पुलिस के साथ झड़प, संपत्ति को नुकसान और ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे थे। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जानबूझकर अशांति फैलाने के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनकी जांच फिलहाल जारी है। एबीवीपी के छात्र नेताओं ने मांग की है कि पत्रकारों पर हमला करने वालों और हिंसा भड़काने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
संगठन ने संकल्प जताया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन शिक्षण संस्थानों और छात्र आंदोलनों को देशविरोधी ताकतों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।